बुधवार, 1 जनवरी 2020

अलविदा २०१९, सुस्वागतम २०२०

जगमगाते सितारों से भरी महफ़िल है,
ना हम होश में हैं, ना ये मेरा दिल है।
वक़्त यूँहीं गुज़र जायेगा 'निश्छल' इस दुनिया में,
चंद लम्हात1 कि खुशियों से क्या ज्यादा हासिल है!

#01012020 #नववर्ष #निश्छल #बस-यूँहीं


ख्वाह-म-ख्वाह2 तुम यूँ जो रूठे बैठे हो,
जैसे मांझी से दूर साहिल3 है।
हमको इम्काँ4 हुआ था तेरे लौट आने का,
तू बेवफ़ा नहीं, मेरा यार-ए-फ़ाज़िल5 है॥

#योगमित #निश्छल

 1. लम्हात = पल, 2. ख्वाह-म-ख्वाह = बेमतलब (EN: Just Like That), 3. साहिल = किनारा, 4.  इम्काँ  = उम्मीद (EN: Possibility), 5. फ़ाज़िल = उत्तम/बढ़िया (EN: Perfect)
     
----------------------------------------------------------
Jagmagate sitaron se bhari mahfil hai,
Na hum hosh mein hain, na ye Mera dil hai.
Waqt yun hi guzar jayega 'nishchhal' is duniya mein,
Chand lamhat ki khushiyon se kya jyada hasil hai.
#01012020 #NewYear #Nishchhal #busYuHi

Khamakhah tum yun jo ruthe baithe ho,
Jaise manjhi se dur sahil hai.
Humko imka hua hai tere laut aane ka,
Tu bewafa nahi, mera yaar-e-fazil hai.

#YogMit #WarmthInTheAir #Nishchhal 

कोई टिप्पणी नहीं:

टिप्पणी पोस्ट करें

(आपकी बहुमूल्य टिप्पणियों का स्वागत है)